गुरुवार, सितंबर 10, 2026

सौर संस्कृति

सौर संस्कृति  स्थल खटांगी सूर्यमंदिर  
सत्येन्द्र कुमार पाठक 
सौर धर्म (सूर्य उपासना) के संस्थापक की बात है, तो शास्त्रों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब को देश में सौर धर्म को प्रसारित करने और सूर्य मंदिरों की स्थापना का मुख्य श्रेय दिया जाता है। साम्ब ने ही कुष्ठ रोग से मुक्ति पाने के लिए भारत के विभिन्न हिस्सों में १२ प्रसिद्ध सूर्य मंदिरों की स्थापना करवाई थी। 
ख़तांगी का सूर्य मंदिर -  बिहार राज्य का  अरवल जिले के सोनभद्र वंशीसूर्यपुर प्रखंड के नेरा नदी के तट पर स्थित  खटांगी गांव मे सूर्यमंदिर अवस्थित है। यहाँ स्थापित भगवान सूर्य  की अत्यंत दुर्लभ प्रतिमा खटांगी गढ़ की उत्खनन  के दौरान २०० वर्ष  पीपल के वृक्ष के नीचे स्थापित की गई थी। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह प्रतिमा मौर्यकालीन पूर्णतः काले पत्थर से निर्मित  भगवान भास्कर सात घोड़ों के रथ पर सवार हैं और उनके सारथी अरुण है । ग्रामीणों एवं सूर्य उपासकों एवं श्रद्धालुओं के सहयोग से वर्ष १९९५ में यहाँ १०८ फीट ऊंचे भव्य और सुंदर सूर्य मंदिर का निर्माण पूरा हुआ है । सौर संस्कृति  के राजा खतांग  ने द्वापर युग में धाता आदित्य की मूर्ति स्थापित किया था। 
सौर संस्कृति और सूर्य उपासना के प्रसिद्ध सूर्य मंदिर में  उमंगा सूर्य मंदिर , औरंगाबाद , राजा एल द्वारा सतयुग में कराई गई थी।  देव व  देवार्क सूर्य मंदिर औरंगाबाद, बिहार गुप्तकालीन (५वीं-६ठी शताब्दी), इसका मुख्य द्वार पश्चिम की ओर है। उलार्क सूर्य मंदिर पालीगंज, पटना (बिहार) भगवान कृष्ण के पुत्र साम्ब द्वारा स्थापित पौराणिक १२ मंदिरों में से एक। कन्दाहा सूर्य मंदिर सहरसा, बिहार द्वापरकालीन मान्यता, जिसे कृष्ण-पुत्र साम्ब से जोड़ा जाता है। बड़ार्क सूर्य मंदिर बड़गांव, नालंदा (बिहार) मगध क्षेत्र का प्राचीन और अत्यंत प्रसिद्ध सूर्य उपासना केंद्र। क़िकट प्रदेश का राजा गय  ने स्वायंभुव मन्वंतर वैवस्वत मन्वंतर के सतयुग में गया में गयॉर्क सूर्यमंदिर गर्भ गृह में अर्यमा आदित्य सूर्य स्थापित है ।  औंगारी धाम सूर्य मंदिर नालंदा, बिहार द्वापरकालीन आस्था का केंद्र, जिसका मुख्य द्वार पश्चिम की ओर है। पुण्यार्क सूर्य मंदिर बाढ़, पटना (बिहार) मगध क्षेत्र के ५ प्रमुख ऐतिहासिक सूर्य मंदिरों में शामिल। कोणार्क सूर्य मंदिर ओडिशा १३वीं शताब्दी में पूर्वी गंग वंश के राजा नरसिंहदेव प्रथम द्वारा निर्मित। मार्तंड सूर्य मंदिर अनंतनाग, जम्मू और कश्मीर ८वीं शताब्दी में कार्कोट राजवंश के राजा ललितादित्य मुक्तापीड द्वारा निर्मित। मोढेरा सूर्य मंदिर मेहसाणा, गुजरात ११वीं शताब्दी में सोलंकी वंश के राजा भीमदेव प्रथम द्वारा निर्मित है ।

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